aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "bhigo.e"
किसी ताज़ा हवा की लहर सेशहर-ए-समाअ'त को भिगोए जा रहे हैं
ये भीगा भीगा सा मौसमये तितली फूल और शबनम
हैं कड़वाहट में ये भीगे हुए लम्हे अजब से कुछसरासर बे-हिसाबाना सरासर बे-सबब से कुछ
बरसता भीगता मौसम धुआँ धुआँ होगापिघलती शम्अ' पे चेहरा कोई गुमाँ होगा
नंगे पाँवदौड़े दौड़े भागे भागे आ जाएँगे
कोई भीगा हुआ दामन कोई दुखती हुई रगकोई हर लहज़ा बदलता हुआ आईना है
गुनगुनाती हुई निकली है ग़ुस्ल-ख़ाने से जब भीअपने भीगे हुए बालों से टपकता हुआ पानी
भीगे हुए पौदे हिलते हैंओ देस से आने वाले बता
चौदहवीं-रात के बर्फ़ाब से इक चाँद को जबढेर से साए पकड़ने के लिए भागते हैं
भीगी उजली सुब्ह में तुमकोहरे की चादर में लिपटी
ये समुंदर जो मिरी ज़ात का आईना हैये समुंदर जो मेरे कूज़ों के बिगड़े हुए
तुली घटा के तले भीगे भीगे पत्तों सेहरी हरी कई चिंगारियाँ सी फूट पड़ीं
क़तरा क़तरा भीगती जाभीगती जा तू जब तक इन में नम है
तेरा बर्फ़ीला बदन बे-साख़्ता लौ दे उठामेरी साँसें शाम की भीगी हवाएँ हो गईं
रोटी के नाच तो हैं सभी ख़ल्क़ में पड़ेकुछ भाँड भीगते ये नहीं फिरते नाचते
दो बदनओस में भीगते चाँदनी में नहाते हुए
न किसी सत्र पे भीगे हुए काजल की लकीरन कहीं ज़िक्र जुदाई का न दीदार की बात
चाँदनी खुल के निखर आई है दरवाज़े परओस से भीगते जाते हैं पुराने गमले
कुछ भीगी तानें होली की कुछ नाज़-ओ-अदा के ढंग-भरेदिल भूले देख बहारों को और कानों में आहंग भरे
ये भीगा हुआ गर्म ओ तारीक बोसाअमावस की काली बरसती हुई रात जैसे उमड़ती चली आ रही है
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