aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "chup-chaap"
मेज़ चुप-चाप घड़ी बंद किताबें ख़ामोशअपने कमरे की उदासी पे तरस आता है
ये लोग लम्स के मेले से बे-ख़बर चुप-चापघरों की सम्त रवाँ हैं
यहाँ हॉर्न बजाने की इजाज़त नहींऔर मैं ने तमन्ना का भरम खोल दिया है कि समुंदर की हवा
चुप-चाप रहोवर्ना ख़ामोशी की चादर
सदियों से चुप-चाप पड़ा हैहँसता है न रोता है
रात चुप-चाप दबे पाँव चले जाती हैरात ख़ामोश है रोती नहीं हँसती भी नहीं
शाम-ए-तन्हा यूँही चुप-चाप अँधेरे ले करघर के अंदर ही चली आई है
देखतीचुप-चाप
चुप-चापख़ुद से हम-कलाम
पेड़ दम साधे चुप-चाप थेख़ामुशी सब्ज़ मौसम को अच्छी लगी
हयात ओ मौत की हद में हैं वलवले चुप-चापगुज़र रहे हैं दबे पाँव क़ाफ़िले चुप-चाप
देखती रहती हूँ चुप-चापउन का अंत
छनती हुई किरनों का सोनाचुप-चाप फ़ज़ाओं की ख़ुशबू
उस की सुनोचुप चाप रहो
डरा डरा सासभी को चुप-चाप देखता हूँ
रहगुज़र पर वो बे-आसरा पेड़ चुप-चाप तकता रहेअपने दामन को फैलाए
वर्ना जो है सामने चुप-चाप देखोक्या भला है क्या बुरा
दिल भीचुप-चाप
लेकिन अब्बा ने चुप चापखोला बॉक्स को उठ कर आप
तू चुप-चाप मिट्टी कोखनकते हुए सुनता है
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