आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "davaat"
नज़्म के संबंधित परिणाम "davaat"
नज़्म
ये दुनिया दावत-ए-दीदार है फ़रज़ंद-ए-आदम को
कि हर मस्तूर को बख़्शा गया है ज़ौक़-ए-उर्यानी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हज़ारों मसअलों पर दावत-ए-फ़िक्र-ओ-नज़र देगी
कि जब थोड़ी सी मोहलत गर्दिश-ए-शाम-ओ-सहर देगी
अब्दुल अहद साज़
नज़्म
अकबर इलाहाबादी
नज़्म
जो मुझ ऐसे हैं रिंद उन को भी ज़ोम-ए-पारसाई है
और इस मज़मून की इक दावत-ए-इफ़्तार आई है
सय्यद मोहम्मद जाफ़री
नज़्म
मिरे मुतरिब न दे लिल्लाह मुझ को दावत-ए-नग़्मा
कहीं साज़-ए-ग़ुलामी पर ग़ज़ल भी गाई जाती है
कैफ़ी आज़मी
नज़्म
तुम्हारी दावत क़ुबूल मुझ को मगर तुम इतना ख़याल रखना
बीयर किसी भी ब्रांड की हो चिकन-फ़्राइड हलाल रखना
खालिद इरफ़ान
नज़्म
तेरा ज़ाहिर ख़ुशनुमा है तेरा बातिन है सियाह
हर अदा तेरी मुकम्मल दावत-ए-जुर्म-ओ-गुनाह
माहिर-उल क़ादरी
नज़्म
क्या लेगा ख़ाक-ए-मुर्दा-ओ-उफ़्तादा बन के तू
तूफ़ान बन कि है तिरी फ़ितरत में इंक़लाब