aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "distaa"
डसता न साँप बन के मुझे शौकत-ओ-हशमतुम मेरे लाल थे मुझे किस सल्तनत से कम
ठूँसा है जिस मेंकाग़ज़ का दस्ता
दिल दिखता हैआबाद घरों से दूर कहीं
गुल-दस्ता-ए-रंगीं कफ़-ए-साहिल पे धरा हैबिल्लोर का साग़र है कि सहबा से भरा है
दिन मुसल्लह दवाँ कमर बस्तारात ताक़-ओ-रवाक़-ओ-गुल-दस्ता
ये देश बना इक गुल-दस्ताबदनाम न होने देंगे इसे
अभी कुछ दिन लगेंगेदश्त में फूलों का गुल-दस्ता सजाने में
बस मुझ को डस्ता है
मैले कपड़ों में सही लोग मोहब्बत से जहाँ बैठते हैंकिसी बंदूक़ का दस्ता भी नहीं होना तुम्हें
तक़दीर-ए-फ़सील-ए-शहर कतबा है कि गुल-दस्ताऐ शहर-ए-रसन-बस्ता
आसमाँ आग निगलने पे है मजबूर तो फिरहर दिशा बर्फ़ की मानिंद पिघल जाएगी
वक़्त है नाग तिरे जिस्म को डसता होगायख़ कर तुझ को हवाएँ भी बिफरती होंगी
एक शफ़्फ़ाफ़ आईना समझूँ न क्यूँइस को नर्गिस का गुल-दस्ता क्यूँ न कहूँ
ये सरापा जो कोई अजनबी दिखता है मुझेउस में गुज़रे हुए एहसास का रेशा भी नहीं
जल दिशाकितने ख़ूँ-आलूद पंजे
यक साँसी मौत अब हमारी पहली तरजीह हैतन्हाई का साँप हमें रात भर डसता रहता है
एक चमकता मंज़र हम को दिखता हैक्या वो मंज़र
मेरी बच्ची मेरी बच्ची भी तवाइफ़ होगीसाँप की तरह ये एहसास मुझे दस्ता है
राजा पाँच साल में एक बार आता हैराजा पथराई आँखों को सपने दिखता है
देस दिसा दिखलाने वालाहोश में हम को लाने वाला
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