aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "do-chaar"
मैं दो चार अश'आरनज़्में क़साएद
'अजीब कैफ़ियत से दो-चार हूँइस समय मेरी आख़िरी ख़्वाहिश पूछी जाती तो मैं ऐसा शख़्स माँगता जो मेरी थकन बाँट ले
जम्अ हो कर कहीं दो चार बच्चेमगन थे खेल में हँसते हँसाते
मैं अजीब लज़्ज़त-ए-आगही से दो चार हूँयही आगही मिरा लुत्फ़ है मिरा कर्ब है
अश्क दो-चार बहा लूँ तो चले जाइएगाआतिश-ए-दिल को बुझा लूँ तो चले जाइएगा
दिल को एहसास से दो-चार न कर देना थासाज़-ए-ख़्वाबीदा को बेदार न कर देना था
अब वक़्त-ए-सफ़र आ पहुँचा है आ मिल बैठें दो-चार घड़ी
दो-चार बूँदें
ख़िज़ाँ से न दो चारहों ये कभी
(बस तीन चार आने की दो चार गोलियां)
दो-चार खिलौने ला देनाक्या मुश्किल है
दो-चार क़दमकोई कांधा नहीं दे पाता
दो चार होना अबसदी बीती है आधी जब
इतनी दूर आए तो दो-चार क़दम और सही
लेकिन जंगल में क्या हैगाहक आए बस दो-चार
दो-चार घड़ी मिल बैठेंकोई पैमान-ए-वफ़ा बाँधें
अपने माहौल से बेदार कियाज़िंदगी से मुझे दो-चार किया
तुम्हें इब्तिदा-ए-सफ़र मेंशिकस्तों से दो-चार होते हुए
मैं कर्ब में मुब्तला थीज़िंदगी की अज़िय्यतों से दो-चार
उन से कभी गलियों में अबहोता हूँ मैं दो-चार जब
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