आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "durra-e-mauj"
नज़्म के संबंधित परिणाम "durra-e-mauj"
नज़्म
कौन जाने कहाँ मंज़िल-ए-मौज है!
किस जज़ीरे पे है शाह-ज़ादी का घर ऐ मिरे चारा-गर
अमजद इस्लाम अमजद
नज़्म
कभी साथ अपने उस के आस्ताँ तक मुझ को तू ले चल
छुपा कर अपने दामन में ब-रंग-ए-मौज-ए-बू ले चल
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
ख़त-ए-पैमाना अरक़-ए-मौज-ए-सहबा होता जाता है
इजाज़त हो कि अब आगे ख़ुदा का नाम है साक़ी
शमीम फ़ारूक़ बांस पारी
नज़्म
जुम्बिश-ए-मौज-ए-नसीम-ए-सुब्ह का ए'जाज़ देख
ताइर-ए-बे-बाल-ओ-पर की हसरत-ए-परवाज़ देख
मेला राम वफ़ा
नज़्म
दामनों में आग ले कर थी दवाँ बाद-ए-सुमूम
थरथराहट थी फ़ज़ा में मिस्ल-ए-मौज-ए-शो'ला-बार
अब्दुल क़य्यूम ज़की औरंगाबादी
नज़्म
मुंतशिर कर के फ़ज़ा में जा-ब-जा चिंगारियाँ
दामन-ए-मौज-ए-हवा में फूल बरसाती हुई
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
रांदा-ए-मौज भी हैं मुजरिम-ए-ज़र्रात भी हैं
मेरा क़िस्सा किसी अफ़साना-ए-दरिया में नहीं