आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "fard-e-jurm"
नज़्म के संबंधित परिणाम "fard-e-jurm"
नज़्म
कहीं ये ख़ूँ से फ़र्द-ए-माल-ओ-ज़र तहरीर करती है
कहीं ये हड्डियाँ चुन कर महल ता'मीर करती है
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
हर जगह चोरी का चर्चा हर जगह है लूट-मार
दिन-दहाड़े लुट रहा है हर तरफ़ फ़र्द-ए-बशर
इस्मतुल्लाह इस्मत बेग
नज़्म
कि वो जो क़त्ल हुआ बर-बिना-ए-जुर्म-ए-वफ़ा
कि वो जो लिखता रहा अपने ख़ूँ से नग़्मा-ए-अम्न
अनवार अब्बास
नज़्म
तेरा ज़ाहिर ख़ुशनुमा है तेरा बातिन है सियाह
हर अदा तेरी मुकम्मल दावत-ए-जुर्म-ओ-गुनाह