आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "firaaq-e-shaam"
नज़्म के संबंधित परिणाम "firaaq-e-shaam"
नज़्म
फ़राज़-ए-कोह-ए-हिमाला ये दौर-ए-गंग-ओ-जमन
और इन की गोद में पर्वर्दा कारवानों ने
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
ये जल्वे पैकर-ए-शब-ताब के ये बज़्म-ए-शोहूद
ये मस्तियाँ कि मय-ए-साफ़-ओ-दुर्द सब बे-बूद
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
ख़ुदा-ए-ख़ैर-ओ-शर भी ला नहीं सका था जिस की ताब
अभी तो गोद में हैं देवताओं की वो माह-ओ-साल
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
ख़ुश हूँ फ़िराक़-ए-क़ामत-ओ-रुख़्सार-ए-यार से
सर्व-ओ-गुल-ओ-समन से नज़र को सताएँ हम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
सुना है हो भी चुका है फ़िराक़-ए-ज़ुल्मत-ओ-नूर
सुना है हो भी चुका है विसाल-ए-मंज़िल-ओ-गाम