आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ganj"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ganj"
नज़्म
क्यूँ न कहिए तुझ को इक सरचश्मा-ए-आब-ए-बक़ा
हैं ये आसार-ए-क़दीमा तेरे गंज-ए-बे-बहा
सफ़ीर काकोरवी
नज़्म
ख़ाक-ए-पाक-ए-हिंद का गंज-ए-गिराँ-माया था तू
अह्ल-ए-दुनिया के लिए पैग़ाम-ए-हक़ लाया था तू
सुदर्शन कुमार वुग्गल
नज़्म
मिल्लत के लिए गंज-ए-गिराँ-माया है 'इक़बाल'
और क़ौम का इक क़ीमती सरमाया है 'इक़बाल'