आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "gho.Daa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "gho.Daa"
नज़्म
तुम्हें मालूम है उर्दू जो है पाली से निकली है
वो गोया उस की ही इक पुर-नुमू डाली से निकली है
जौन एलिया
नज़्म
रात को नींद न आएगी तो लोरी कौन सुनाएगा
घोड़ा बन कर कौन चलेगा पीठ पे कौन बिठाएगा