आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "harba-haa-e-bahaar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "harba-haa-e-bahaar"
नज़्म
कर रही थी फ़स्ल-ए-गुल जब राज़-ए-क़ुदरत आश्कार
जब उगलती थी ज़मीं गंजीना-हा-ए-पुर-बहार
मिर्ज़ा मोहम्मद हादी अज़ीज़ लखनवी
नज़्म
क्या नग़्मा-हा-ए-कैफ़ का दरिया बहा गया
ख़ुद हुस्न को जहाँ में हसीं-तर बना गया