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नज़्म
घर में घुसने वाला डाकू काली जेब होने के जुर्म में
मुझे बंदूक़ के हिट-मार्के से हलाक कर सकता है
ज़ाहिद मसूद
नज़्म
वो कहते हैं कल मरता हो तो आज ही मर जाए
मरने से मगर पहले इधर टैक्स वो धर जाए
इस्मतुल्लाह इस्मत बेग
नज़्म
हम ने समझ लिया कि जहाँ से गुज़र गए
जब दिल ही मर गया तो सब अरमान मर गए
मिर्ज़ा अल्ताफ़ हुसैन आलिम लखनवी
नज़्म
हिचकी ले कर फिर ख़ुद ही मर जाते हैं
दिल की धड़कन सच्चाई के तल्ख़ धुएँ को गहरा करती पैहम बढ़ती जाती है