आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ijw"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ijw"
नज़्म
ये कैसी लज़्ज़त से जिस्म शल हो रहा है मेरा
ये क्या मज़ा है कि जिस से है उज़्व उज़्व बोझल
फ़हमीदा रियाज़
नज़्म
दौर-दौरा लखनऊ में भी था क़ब्ल-अज़-इंक़लाब
कर लिया था नुक्ता-संजों ने इसी को इंतिख़ाब
सफ़ी लखनवी
नज़्म
हमारी ज़िल्लतों से किस ने अपने उज़्व उज़्व को सजा लिया
कि आज नाफ़ के क़रीब ख़्वाहिशों की भीड़ है
शहरयार
नज़्म
फ़रस इब्न-ए-ज़ियादा के लिए उज़्व ज़ियादा है
सवारी वास्ते मुश्की हिरन ज़ंजीर करते हैं