आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jashn-e-shab"
नज़्म के संबंधित परिणाम "jashn-e-shab"
नज़्म
कि इक जुनूँ सा है मुझ पे तारी
मनाज़िर-ए-कोह-ओ-कुंज जश्न-ए-शब-ए-मुनव्वर मना रहे हैं
अब्दुल अज़ीज़ फ़ितरत
नज़्म
रबाब छेड़ ग़ज़ल-ख़्वाँ हो रक़्स-फ़रमा हो
कि जश्न-ए-नुसरत-ए-मेहनत है जश्न-ए-नुसरत-ए-फ़न
साहिर लुधियानवी
नज़्म
लम्हा लम्हा मुसलसल लहू के तसलसुल में जलता रहूँ
उस के रौशन चराग़ों में जश्न-ए-जमाल-ए-तुलू’-ए-सहर तक
बलराज कोमल
नज़्म
रोज़ हो जश्न-ए-शहीदान-ए-वफ़ा चुप न रहो
बार बार आती है मक़्तल से सदा चुप न रहो