आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "kataa.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "kataa.n"
नज़्म
वो कोई मस्तूल या कोई बंजर चट्टान होती है जिस को पा कर वो सोचते हैं
कि ये भी कुछ कम नहीं बहुत है,
रईस फ़रोग़
नज़्म
ये चुप कितने दिन की थी जो आंसुओं में ढली
ये गहरी चट्टान ऐसी पथरीली जामिद अनोखी सी चुप
शफ़ीक़ फातिमा शेरा
नज़्म
हुजूम-ए-रंज-ओ-अलम में भी तेरा दिल है जवाँ
सुबुक बहाओ पे दरिया के जिस तरह हो चटां