aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "line"
रेलवे-लाइन पार करते हुए ख़ुद-कुशी कर लेताऔर हमारे लाए हुए फूल
मैं ने जो फ़ासलों की ये दीवार पाट दीसद्र-ए-ग्रामी ने मिरी लाईन ही काट दी
कई बेहद ज़रूरी काम और फिर तुमअचानक मुंक़ता' करते हो टेलीफ़ोन की लाइन
रेलवे लाइन परमोर सो रहा है
ख़ुदा से हॉट-लाइन पर गुफ़्तुगू कर रहे हैंअगर तुम राकेटों पर बैठ कर भगोड़ों की तरह चाँद और मिर्रीख़ की तरफ़
उन्हें अंदर कहीं पर एक कॉलम तीन लाइन की जगह दे दोजवाँ औरत की गलती लाश
रेलवे-लाइन स्टेशन सेमेरे दिल तक आती है
नंगों, भूखों, भिक-मंगों नेअपनी सदा सुहागन लाइन और बढ़ा दी
मद्धम लाइनऔर उसे छूने की धुन में
रेलवे लाइन के आस पासखिलने वाले फूलों के बजाए एक्सप्रेस ट्रेन पर
नई नस्लों के सच्चे लोगहमारी बातों पे हंस रहे हैं
दर खुलने की आशा बाँधेसदियों से लाइन में लगी हैं
लाइव टी-वी से ऊब करमैं ने लाइव टी-वी पर आत्महत्या कर ली
जिन्हें टेलीफ़ोन लाइन पर सुनना सुनाना तेरी मेरी सज़ा है
अपनी मता-ए-नाज़ लुटा कर मिरे लिएबाज़ार-ए-इल्तिफ़ात में नादार ही रहो
हम जो जीते थे तो जंगों की मुसीबत के लिएऔर मरते थे तिरे नाम की अज़्मत के लिए
हर मुसलमाँ रग-ए-बातिल के लिए नश्तर थाउस के आईना-ए-हस्ती में अमल जौहर था
हम घूम चुके बस्ती बन मेंइक आस की फाँस लिए मन में
सभी बातें सुनी तुम नेफिर आँखें फेर लीं तुम ने
कल कोई मुझ को याद करे क्यूँ कोई मुझ को याद करेमसरूफ़ ज़माना मेरे लिए क्यूँ वक़्त अपना बर्बाद करे
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