आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "manthan"
नज़्म के संबंधित परिणाम "manthan"
नज़्म
बिजलियाँ जिस में हों आसूदा वो ख़िर्मन तुम हो
बेच खाते हैं जो अस्लाफ़ के मदफ़न तुम हो
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
वो हिकमत नाज़ था जिस पर ख़िरद-मंदान-ए-मग़रिब को
हवस के पंजा-ए-ख़ूनीं में तेग़-ए-कार-ज़ारी है
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
साहिर लुधियानवी
नज़्म
आँखों में भी चितवन में भी चाँद ही चाँद झलकते हैं
चाँद ही टीका चाँद ही झूमर चेहरा चाँद और माथा चाँद
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
जिन्हें कमसिनों ने चाहा कि लपक के प्यार कर लें
जिन्हें महवशों ने माँगा कि गले का हार कर लें