आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "miTaa.uu.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "miTaa.uu.n"
नज़्म
मियान-ए-शाख़-साराँ सोहबत-ए-मुर्ग़-ए-चमन कब तक
तिरे बाज़ू में है परवाज़-ए-शाहीन-ए-क़हस्तानी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मगर ये अनोखी निदा जिस पे गहरी थकन छा रही है
ये हर इक सदा को मिटाने की धमकी दिए जा रही है
मीराजी
नज़्म
मिरे चेहरे पे जब भी फ़िक्र के आसार पाए हैं
मुझे तस्कीन दी है मेरे अंदेशे मिटाए हैं