आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "munaafiq"
नज़्म के संबंधित परिणाम "munaafiq"
नज़्म
रऊनत ये सिखाती है मुनाफ़िक़ हुक्मरानों को
इसी के बत्न से होते हैं पैदा जब्र-ओ-ज़ुलम-ओ-शर
रहबर जौनपूरी
नज़्म
ये ख़्वाहिशों के पुजारी ये मस्लहत के ग़ुलाम
फ़रेब-ओ-मक्र के क़िस्से मुनाफ़िक़त के नाम
नासिरा ज़ुबेरी
नज़्म
मैं मुनाफ़िक़ हूँ हर इक का दोस्त बन जाता हूँ मैं
दोस्त बन कर दोस्तों में फूट डलवाता हूँ मैं
प्रेम लाल शिफ़ा देहलवी
नज़्म
कि हर मस्तूर को बख़्शा गया है ज़ौक़-ए-‘उर्यानी
तो तुम मुँह क्यों छुपाते हो मुनाफ़िक़ हो
शाहबाज़ मेहतिर
नज़्म
कहीं पर ये सरापा दिल निरी 'औरत निरी उल्फ़त
मगर हम जिस मुनाफ़िक़ 'अह्द की तख़्लीक़ हैं उस में
इशरत आफ़रीं
नज़्म
तिरी नीची नज़र ख़ुद तेरी इस्मत की मुहाफ़िज़ है
तू इस नश्तर की तेज़ी आज़मा लेती तो अच्छा था
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
अजब है ये ज़बाँ, उर्दू
कभी कहीं सफ़र करते अगर कोई मुसाफ़िर शेर पढ़ दे 'मीर', 'ग़ालिब' का
गुलज़ार
नज़्म
मैं वो नग़्मा हूँ जिसे प्यार की महफ़िल न मिली
वो मुसाफ़िर हूँ जिसे कोई भी मंज़िल न मिली
साहिर लुधियानवी
नज़्म
मंज़िल-ए-इ'ल्म के हम लोग मुसाफ़िर हैं मगर
रास्ता हम को दिखाते हैं हमारे उस्ताद