आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "nargis-e-shahlaa-e-lucknow"
नज़्म के संबंधित परिणाम "nargis-e-shahlaa-e-lucknow"
नज़्म
महरम-ए-शबनम रफ़ीक़-ए-लाला-ए-सहरा हूँ मैं
हम-नशीन-ए-यासमीन-ओ-नर्गिस-ए-शहला हूँ मैं
अफ़सर सीमाबी अहमद नगरी
नज़्म
कुछ रोज़ का मुसाफ़िर-ओ-मेहमाँ हूँ और क्या
क्यूँ बद-गुमाँ हों यूसुफ़-ए-कनआ'न-ए-लखनऊ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
हैं खिले कियारियों में नर्गिस-ओ-नसरीन-ओ-समन
हौज़ फ़व्वारे हैं बंगलों में भी पर्दे चलवन
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
वो नर्गिस-ए-सियाह-ए-नीम-बाज़, मय-कदा-ब-दोश
हज़ार मस्त रातों की जवानियाँ लिए हुए
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
नर्गिस-ए-अरज़क के शैदा दीदा-ए-आहू भी देख
ऐ सुनहरी ज़ुल्फ़ के क़ैदी सियह गेसू भी देख
जोश मलीहाबादी
नज़्म
नश्शा-ए-नर्गिस-ए-ख़ूबान-ए-वतन तुम से है
इफ़्फ़त-ए-माह-ए-जबीनान-ए-वतन तुम से है
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
किसी की नर्गिस-ए-शरसार के मुबहम से अफ़्साने
किसी की ज़ुल्फ़-ए-अम्बर-बार के बरहम से अफ़्साने
जाँ निसार अख़्तर
नज़्म
नर्गिस-ए-नाज़ में वो नींद का हल्का सा ख़ुमार
वो मिरे नग़्म-ए-शीरीं का असर आज की रात