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नज़्म
कैफ़ी आज़मी
नज़्म
जब कोई किसी का हाथ पकड़ कर सैर को बाहर जाता है
जब कोई निगाह-ए-शौक़ के आगे रह रह कर घबराता है
बहज़ाद लखनवी
नज़्म
जिगर मुरादाबादी
नज़्म
नाशाद वतन अफ़्सोस तिरी क़िस्मत का सितारा टूट गया
उँगली को पकड़ कर चलते थे जिस की वही रहबर छूट गया