आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "rahmat"
नज़्म के संबंधित परिणाम "rahmat"
नज़्म
तुम्हारी जो हमासा है भला उस का तो क्या कहना
है शायद मुझ को सारी उम्र उस के सेहर में रहना
जौन एलिया
नज़्म
शम-ए-हक़ से जो मुनव्वर हो ये वो महफ़िल न थी
बारिश-ए-रहमत हुई लेकिन ज़मीं क़ाबिल न थी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
वो माँ कि आयत-ए-रहमत है जिस की चीन-ए-जबीं
वो माँ कि हाँ से भी होती है बढ़ के जिस की नहीं
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
माँ बाप और उस्ताद सब हैं ख़ुदा की रहमत
है रोक-टोक उन की हक़ में तुम्हारे नेमत
अल्ताफ़ हुसैन हाली
नज़्म
मग़्फ़िरत की तुझ पे मौला अब फ़रावानी करे
जन्नत-उल-फ़िरदौस में भी रहमत अर्ज़ानी करे
शहनाज़ परवीन शाज़ी
नज़्म
अब्र-ए-रहमत दामन-अज़-गलज़ार-ए-मन बर्चीद-ओ-रफ़त
अंदकै बर-ग़ुंचा हाए आरज़ू बारीद-ओ-रफ़्त
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हुक्मराँ दिल पर रहे सदियों तलक असनाम भी
अब्र-ए-रहमत बन के छाया दहर पर इस्लाम भी
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
महफ़िल-ए-साक़ी सलामत बज़्म-ए-अंजुम बरक़रार
नाज़नीनान-ए-हरम पर रहमत-ए-परवरदिगार
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
कनार-ए-रहमत-ए-हक़ में उसे सुलाती है
सुकूत-ए-शब में फ़रिश्तों की मर्सिया-ख़्वानी
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
नाशाद वतन अफ़्सोस तिरी क़िस्मत का सितारा टूट गया
उँगली को पकड़ कर चलते थे जिस की वही रहबर छूट गया