आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "rashk-e-sharar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "rashk-e-sharar"
नज़्म
तेरा मस्कन अर्ज़-ए-दिल्ली रश्क-ए-हुस्न-ए-कोह-ए-क़ाफ़
चाँद-सूरज रोज़ तेरे गिर्द करते हैं तवाफ़
रहबर जौनपूरी
नज़्म
जहाँ की ज़मीं रश्क-ए-चर्ख़-ए-कुहन है
जहाँ शोख़ियाँ हैं अदा है फबन है
कुँवर महेंद्र सिंह बेदी सहर
नज़्म
सर-ज़मीन-ए-पदमनी गहवारा-ए-प्रतापी भीम
रश्क-ए-फ़िरदौस-ए-ज़माना देखने आया हूँ मैं
जयकृष्ण चौधरी हबीब
नज़्म
क़फ़स का दर बना देते हैं रश्क-ए-बाब-ए-आज़ादी
जो अहल-ए-होश हैं 'तकमील' ज़िंदानों में रहते हैं
तकमील रिज़वी लखनवी
नज़्म
वो दुनिया रश्क-ए-फ़िर्दोस-ए-बरीं मा'लूम होती थी
ख़ुदा का शाहकार-ए-बेहतरीं मा'लूम होती थी
अफ़सर सीमाबी अहमद नगरी
नज़्म
ये सिलवट जो कुर्ते में कुछ पड़ गई हैं
कि रश्क-ए-लब-ए-'आशिक़ाँ जिन को कहिये
योगेंद्र दत्त त्यागी
नज़्म
रश्क-ए-सद-ख़ुर्शीद था हर-ज़र्रा-ए-देहली-ए सुना
मारता चश्मक सफ़ा पर था ग़ुबार-ए-लखनऊ