आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "rindaa.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "rindaa.n"
नज़्म
रंग-ए-गुल-हा-ए-गुलिस्तान-ए-वतन तुम से है
सोरिश-ए-नारा-ए-रिंदान-ए-वतन तुम से है
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
सियह-मस्ती की देता हूँ सला रिंदान-ए-मशरिक़ को
ख़ुमिस्तान-ए-अरब के नश्शे में हो कर मैं चूर आया
ज़फ़र अली ख़ाँ
नज़्म
दे साक़ी-ए-महवश कि नहीं ज़ब्त का यारा
महरूमी-ए-रिंदाँ तुझे क्यूँकर है गवारा
सयय्द महमूद हसन क़ैसर अमरोही
नज़्म
यहाँ परहेज़ कैसा आओ रिंदान-ए-वतन आओ
कि जाम अपना है अपना मै-कदा पीर-ए-मुग़ाँ अपना
राम लाल वर्मा हिंदी
नज़्म
तू राज़-ए-कुन-फ़काँ है अपनी आँखों पर अयाँ हो जा
ख़ुदी का राज़-दाँ हो जा ख़ुदा का तर्जुमाँ हो जा
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
सहरा को चमन बन को गुलशन बादल को रिदा क्या लिखना
ज़ुल्मत को ज़िया सरसर को सबा बंदे को ख़ुदा क्या लिखना
हबीब जालिब
नज़्म
संगीन हक़ाइक़-ज़ारों में ख़्वाबों की रिदाएँ जलती हैं
और आज जब इन पेड़ों के तले फिर दो साए लहराए हैं
साहिर लुधियानवी
नज़्म
रात के तारों में अपने राज़-दाँ पैदा करे
ये घड़ी महशर की है तू अर्सा-ए-महशर में है