आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "samajh"
नज़्म के संबंधित परिणाम "samajh"
नज़्म
सुनो 'ज़रयून' तुम तो ऐन-ए-अ'यान-ए-हक़ीक़त हो
नज़र से दूर मंज़र का सर-ओ-सामान-ए-सर्वत हो
जौन एलिया
नज़्म
उरूक़-मुर्दा-ए-मशरिक़ में ख़ून-ए-ज़िंदगी दौड़ा
समझ सकते नहीं इस राज़ को सीना ओ फ़ाराबी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तअस्सुब छोड़ नादाँ दहर के आईना-ख़ाने में
ये तस्वीरें हैं तेरी जिन को समझा है बुरा तू ने
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
जो आँख भर के मुझे देख भी सकी न वो माँ
मैं वो पिसर हूँ जो समझा नहीं कि माँ क्या है