आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sarmaa.e"
नज़्म के संबंधित परिणाम "sarmaa.e"
नज़्म
उस शाम मुझे मालूम हुआ जब भाई जंग में काम आएँ
सरमाए के क़हबा-ख़ाने में बहनों की जवानी बिकती है
साहिर लुधियानवी
नज़्म
सरमाए के हाथों लोगों की किस तरह मोहब्बत धूल हुई
सदियों से बराबर मेहनत-कश हालात से लड़ते आए हैं
जाँ निसार अख़्तर
नज़्म
बाज़ ऐसे थे जो सरमाए के ठेकेदार थे
कहते थे मज़दूर को ख़र और ख़ुद ख़र-कार थे
सय्यद मोहम्मद जाफ़री
नज़्म
अहमद ज़फ़र
नज़्म
मंडी में सरमाए की जब इंसाँ बेचे जाते थे
जब इस्मत रुस्वा होती थी जब मेहनत का कुछ मोल न था