आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shab-e-charaaG"
नज़्म के संबंधित परिणाम "shab-e-charaaG"
नज़्म
फ़िक्र बे-नूर तिरा जज़्ब-ए-‘अमल बे-बुनियाद
सख़्त मुश्किल है कि रौशन हो शब-ए-तार-ए-हयात
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "shab-e-charaaG"
फ़िक्र बे-नूर तिरा जज़्ब-ए-‘अमल बे-बुनियाद
सख़्त मुश्किल है कि रौशन हो शब-ए-तार-ए-हयात