आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shikasht e zindan ebooks"
नज़्म के संबंधित परिणाम "shikasht e zindan ebooks"
नज़्म
अनीस सुलताना
नज़्म
शिकस्त-ए-मजलिस-ओ-ज़िन्दाँ का वक़्त आ पहुँचा
वो तेरे ख़्वाब हक़ीक़त में ढाल आए हैं
साहिर लुधियानवी
नज़्म
जोश मलीहाबादी
नज़्म
रफ़ीक़ संदेलवी
नज़्म
किसी के दस्त-ए-इनायत ने कुंज-ए-ज़िंदाँ में
किया है आज अजब दिल-नवाज़ बंद-ओ-बस्त
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
नहीं तुम से शिकायत हम-सफ़ीरान-ए-चमन मुझ को
मिरी तक़दीर ही में था क़फ़स और क़ैद ज़िंदाँ की
शहीद काकोरवी
नज़्म
हर्फ़ मासूम थे महकूम थे महसूर भी थे
लफ़्ज़ मस्लूब हुए होंटों पे आ के तेरे