आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "taa.dii"
नज़्म के संबंधित परिणाम "taa.dii"
नज़्म
उन दिनों मुझ पे क़यामत का जुनूँ तारी था
सर पे सर्शारी-ए-इशरत का जुनूँ तारी था
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
दलील-ए-सुब्ह-ए-रौशन है सितारों की तुनुक-ताबी
उफ़ुक़ से आफ़्ताब उभरा गया दौर-ए-गिराँ-ख़्वाबी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
आ भी जा, ताकि मिरे सज्दों का अरमाँ निकले
आ भी जा, कि तिरे क़दमों पे मिरी जाँ निकले