aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "udhe.d"
हैं सदा इस उधेड़-बुन में तबीबकि कोई नुस्ख़ा हाथ आए अजीब
मेरे दिल में उधेड़-बुन क्या हैमैं सितारों से जा के उलझा क्यूँ
दयार-ए-ग़रीबाँ से आया हुआ इक उधेड़ उम्र चूहाजो बस रिज़्क़ की बू को पहचानता है
ख़ुद को जला कर हलाक करने वालेउधेड़-उम्र मरीज़
मुर्दा गीतों के फ़िंगरप्रिंटस उधेड़ लेंगीज़ंग-आलूद खिड़की के मैले शीशों से
इसी उधेड़-बुन मेंख़ुद को सैंत सैंत कर रखते हुए
मैं अपनी आँखों के दाएरों में उतर सकूँ तोवो लाल डोरी उधेड़ डालूँ
या फिरअधेड़ उम्र किसान की बद-दुआ' में खनकते
मेरे शाने उधेड़ रही हैएक दिन मैं
बख़िये उधेड़ करऊधम जोत के
छोटा रहा कोई कोई मिसरा बड़ा रहाथा इस उधेड़-बुन में कि कुछ आईं शाएरात
तो अधेड़-‘उम्र 'औरतेंऔर उन के गोश्त-ख़ोर मर्द
और बाप की अधेड़ उम्री एक साथ आएबाप बड़े शौक़ से
अधेड़ उम्र की औरत भी गिरने वाली हैमकाँ के सामने हिस्से में
इक बख़िया उधेड़ा एक सियायूँ उम्र बसर कब होती है
कहीं तवाज़ुन बिगड़ गया हैया कोई सीवन उधड़ गई है:
माँ पीछे एक मैली चदर ओढ़े जाती हैबेटा बना है दूल्हा तो बावा बराती है
सो पहले आधे फ़्राइड को बुलायाफिर आधे रैम्बो को बुलाया
हैं जिन के तन मुलाएम मैदे की जैसे लोईवो इस हवा में ख़ासी ओढ़े फिरे हैं लोई
और जिस की तेज़-रवी क़दम उखेड़ देती हैमुझे ठहरे पानी की तरह मत चाहो
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