आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ve"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ve"
नज़्म
मत दे तू झूटे फ़तवे रे तू कुफ़्र न इतना तोल
मुझे काफ़िर काफ़िर छेड़ न वे तू आशिक़ आशिक़ बोल
सदा अम्बालवी
नज़्म
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन
उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा