ग़ज़लें जिन्हें हम रेडियो पर अक्सर सुना करते थे

यहाँ ऐसी ग़ज़लें दी जा

रही हैं, जिसे हम कई जगह मसलन चाय की दुकानों और बाजारों में सुना करते थे