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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

बे-घरी पर शेर

पागल कोई इक इक से यही पूछता था कल

हम सब का एक घर था बताओ किधर गया

हसन कमाल

हसीं घरों पे लिखी चार-सू है दर-ब-दरी

सो हिजरतों को इसी बे-घरी में देखा गया

ज़किया ग़ज़ल
बोलिए