फ़ह्हाशी

मेरे अफ़साने तंदुरुस्त और सेहत-मंद लोगों के लिए हैं। नॉर्मल इन्सानों के लिए, जो औरत के सीने को औरत का सीना ही समझते हैं और इस से ज़्यादा आगे नहीं बढ़ते।

सआदत हसन मंटो

कोई अफ़साना या अदब पारा फ़ोह्श नहीं हो सकता। जब तक लिखने वाले का मक़सद अदब निगारी है। अदब ब-हैसीयत-ए-अदब के कभी फ़ोह्श नहीं होता।

सआदत हसन मंटो