अमीर-ए-शहर की मिदहत न लिक्खी जाएगी हम से
कि जो ख़ुद्दार हैं वो कार-ए-दरबारी नहीं करते
सच का पुर्सान-ए-हाल कोई नहीं
झूट की हर तरफ़ हिमायत है
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
अमीर-ए-शहर की मिदहत न लिक्खी जाएगी हम से
कि जो ख़ुद्दार हैं वो कार-ए-दरबारी नहीं करते
सच का पुर्सान-ए-हाल कोई नहीं
झूट की हर तरफ़ हिमायत है