Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

विरोध पर शेर

अमीर-ए-शहर की मिदहत न लिक्खी जाएगी हम से

कि जो ख़ुद्दार हैं वो कार-ए-दरबारी नहीं करते

डॉ. एजाज़ रसूल

सच का पुर्सान-ए-हाल कोई नहीं

झूट की हर तरफ़ हिमायत है

डॉ. एजाज़ रसूल

कोई तहरीक तो उभरे कोई हलचल तो हो

कोई पत्थर किसी जानिब से इधर भी फेंको

ऐमन जाफ़री
बोलिए