रूह

जिस्म दाग़ा जा सकता है मगर रूह नहीं दाग़ी जा सकती।

सआदत हसन मंटो

वेश्या अपनी तारीक तिजारत के बावजूद रौशन रूह की मालिक हो सकती है।

सआदत हसन मंटो

जिस्मानी हिसिय्यात से मुताल्लिक़ चीज़ें ज़्यादा देरपा नहीं होतीं मगर जिन चीज़ों का ताल्लुक़ रूह से होता है, देर तक क़ायम रहती हैं।

सआदत हसन मंटो

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