मीर, ग़ालिब और इक़बाल: ध्वन्यात्मक लय का एक तुलनात्मक अध्ययन
यह लेख मीर तक़ी मीर, मिर्ज़ा ग़ालिब और अल्लामा इक़बाल की शायरी के सौतियाती निज़ाम (ध्वन्यात्मक व्यवस्था) का तुलनात्मक जायज़ा पेश करता है, और बताता है कि इक़बाल ने किस तरह मीर की नग़्मगी (मधुरता) और ग़ालिब की शुकोह-मंदी (भव्यता) को एक साथ मिलाया।