अर्चना जौहरी का परिचय
जन्म : 25 Jul 1958 | कानपुर, उत्तर प्रदेश
अर्चना जौहरी हिंदी साहित्य और मीडिया की जानी-मानी हस्ती हैं, जो चार दशकों से साहित्यिक, सांस्कृतिक और प्रसारण क्षेत्र में सक्रिय हैं। 1980 में ‘नवभारत टाइम्स’ में कॉलम लेखन से अपने रचनात्मक सफ़र की शुरुआत करने वाली अर्चना जौहरी के लेख देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं जैसे ‘जनसत्ता’, ‘धर्मयुग’, ‘साप्ताहिक हिंदुस्तान’ और ‘सबरंग’ आदि में प्रकाशित होते रहे हैं। उन्होंने 'मेरी सहेली' पत्रिका में मुख्य उप-संपादक के रूप में कार्य किया और आकाशवाणी व विविध भारती से भी कवयित्री और कहानीकार के रूप में जुड़ी रहीं।
दूरदर्शन के कई प्रतिष्ठित कार्यक्रमों—संगीत का अखिल भारतीय कार्यक्रम और साहित्य सरिता—का वे पिछले पच्चीस वर्षों से सफल संचालन कर रही हैं। उन्होंने अनेक धारावाहिक, एल्बम, जिंगल्स और फ़िल्मों के लिए संवाद व गीत लेखन भी किया है। टी-सीरीज़, ज़ी म्यूज़िक, टाईम्स म्यूज़िक जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उनके लिखे गीतों को व्यापक सराहना मिली है।
उनकी प्रकाशित कृतियों में नवांकुर, मन की बात (संपादन), ज़िंदगी-ज़िंदगी और यादों की कतरन शामिल हैं। ‘अमृतलाल नागर पुरस्कार’ और ‘माखनलाल चतुर्वेदी सम्मान’ सहित कई पुरस्कारों से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। वे ‘शाश्वत अभिव्यक्ति का एक मंच’ की संस्थापक-निदेशक भी हैं।
हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी में समान दक्षता के साथ लेखन करने वाली अर्चना जौहरी ने ‘वास्ता’ और ‘सुंदरकांड’ जैसी फ़िल्मों में संवाद व गीत लेखन किया है, साथ ही ‘Waster’ फ़िल्म में अभिनय भी किया है। वे तीन वर्षों तक दूरदर्शन की फ़ीचर फ़िल्म प्रिव्यू कमेटी की सदस्य भी रही हैं।