Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Iftikhar Raghib's Photo'

इफ़्तिख़ार राग़िब

1973 | क़तर

इफ़्तिख़ार राग़िब

ग़ज़ल 37

अशआर 21

इंकार ही कर दीजिए इक़रार नहीं तो

उलझन ही में मर जाएगा बीमार नहीं तो

दिन में आने लगे हैं ख़्वाब मुझे

उस ने भेजा है इक गुलाब मुझे

पढ़ता रहता हूँ आप का चेहरा

अच्छी लगती है ये किताब मुझे

तुम ने रस्मन मुझे सलाम किया

लोग क्या क्या गुमान कर बैठे

चंद यादें हैं चंद सपने हैं

अपने हिस्से में और क्या है जी

लेख 1

 

पुस्तकें 5

 

वीडियो 12

This video is playing from YouTube

ऑडियो 12

अंदाज़-ए-सितम उन का निहायत ही अलग है

इक बड़ी जंग लड़ रहा हूँ

इंकार ही कर दीजिए इक़रार नहीं तो

Recitation

Recitation

बोलिए