मानी नागपुरी
अशआर 1
सुना इक़बाल-ए-इस्याँ ख़ल्वतों में वज्ह-ए-बख़्शिश है
कलीसाओं में ये तर्ज़-ए-इबादत आम है साक़ी
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ग़ज़ल 26
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