Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Shehpar Rasool's Photo'

शहपर रसूल

1956 | दिल्ली, भारत

महत्वपूर्ण उत्तर-आधुनिक शायरों में विख्यात।

महत्वपूर्ण उत्तर-आधुनिक शायरों में विख्यात।

शहपर रसूल

ग़ज़ल 27

अशआर 8

मुझे भी लम्हा-ए-हिजरत ने कर दिया तक़्सीम

निगाह घर की तरफ़ है क़दम सफ़र की तरफ़

  • शेयर कीजिए

मैं ने भी देखने की हद कर दी

वो भी तस्वीर से निकल आया

  • शेयर कीजिए

कोई साया कोई हम-साया

आब-ओ-दाना ये किस जगह लाया

दूसरों के ज़ख़्म बुन कर ओढ़ना आसाँ नहीं

सब क़बाएँ हेच हैं मेरी रिदा के सामने

रेख़्ता का इक नया मज्ज़ूब है 'शहपर' रसूल

शोहरत उस के नाम पर इक नंग है बोहतान है

क़ितआ 1

 

पुस्तकें 434

वीडियो 17

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

शहपर रसूल

मेरी नज़र का मुद्दआ उस के सिवा कुछ भी नहीं

शहपर रसूल

शहपर रसूल

Shahpar Rasool is a Poet and Professor at Jamia Milia Islamia, New Delhi. शहपर रसूल

ऑडियो 14

उस की बातें क्या करते हो वो लफ़्ज़ों का बानी था

एक दिन न रोने का फ़ैसला किया मैं ने

कब चला जाता है 'शहपर' कोई आ के सामने

Recitation

 

Recitation

बोलिए