aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के उस्ताद और राजकवि , मिर्ज़ा ग़ालिब से उनकी प्रतिद्वंदिता प्रसिद्ध है।
किसी बेकस को ऐ बेदाद गर मारा तो क्या मारा
जो आप ही मर रहा हो उस को गर मारा तो क्या मारा