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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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आज की प्रस्तुति

समकालीन पाकिस्तानी शायर

कभी मकाँ में कभी रहगुज़र में रहते थे

ये रोज़-ओ-शब तो हमेशा नज़र में रहते थे

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