aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
जन्मदिन
अकबर इलाहाबादी के समकालीन , अपने शेर "आगाह अपनी मौत से कोई ......." के लिए प्रसिद्ध
सुना है ज़ख़्मी-ए-तेग़-ए-निगह का दम निकलता है
तिरा अरमान ले ऐ क़ातिल-ए-आलम निकलता है