Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Ashhad Bilal Ibn-e-chaman's Photo'

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

1980 | अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात

अशहद बिलाल इब्न-ए-चमन

ग़ज़ल 9

अशआर 9

आज भी नक़्श हैं दिल पर तिरी आहट के निशाँ

हम ने उस राह से औरों को गुज़रने न दिया

ज़िंदगी की हक़ीक़त अजब हो गई

आज कल हो रही है बसर ख़्वाब में

होश-ओ-हवास खोने लगा हूँ फ़िराक़ में

तन्हाइयों ने ऐसा मुक़फ़्फ़ल किया मुझे

याद रखना भी इक इबादत है

क्यूँ न हम उन का हाफ़िज़ा हो जाएँ

इक लफ़्ज़ याद था मुझे तर्क-ए-वफ़ा मगर

भूला हुआ हूँ ठोकरें खाने के बअ'द भी

वीडियो 7

This video is playing from YouTube

"अबू धाबी" के और कलाकार

Recitation

बोलिए