कलाकारों की सूची

सैंकड़ों शायरों का चुनिंदा कलाम

आधुनिक उर्दू आलोचना के संस्थापकों में शामिल हैं।

1911 -2002 अलीगढ़

प्रख्यात शायर जिन्हें लखनवी शायरी के शायरना महावरों पर दक्षता थी

1896 -1978 कराची

मज़ाहिया शायरों में शामिल, ‘अन्दाज़-ए-बयां’ नाम से काव्य संग्रह प्रकाशित

प्रख्यात पाकिस्तानी शायर जो मुशायरों में भी लोकप्रिय हैं।

मुम्बई के प्रख्यात आधुनिक शायर, संजीदा शायरी पसंद करने वालों में लोकप्रिय।

1950 -2020 मुंबई

लोकप्रिय शायर, ज़िंदगी और मोहब्बत से संबंधित रुमानी शायरी के लिए विख्यात।

बिहार की मशहूर साहित्यिक प्रतिभा, शायरी के साथ विभिन्न साहित्यिक विषयों पर अपनी पद्यात्मक रचनाओं के लिए जाने जाते हैं

भारतीय उर्दू ग़ज़ल की नई नस्ल की एक रौशन आवाज़।

प्रगतिशील विचारों के पाकिस्तानी शायर, संजीदा शायरी पसंद करने वालों में विख्यात।

हम्द और ना’त के अहम शायर

पाकिस्तान के अहम अफ़्साना नवीस, नॉवेलनिगार और अनुवादक. विभाजन के भयानक अनुभवों से गुज़रे और उस परिदृश्य में कई असाधारण कहानियां लिखीं।

1908 -1987 कराची

महत्वपूर्ण पाकिस्तानी शायरा, अपनी नर्म और सुगढ़ शायरी के लिए विख्यात।

1924 -2015 कराची

पूर्वाधुनिक शायरों में शामिल, परम्परा और आधुनिकता के मिश्रण की शायरी के लिए जाने जाते हैं

1920 -1963 कराची

लोकप्रिय पाकिस्तानी शायर जिन्होंने जन-भावनाओं को अभिव्यक्ति दी।

1946 -2001 लाहौर

हास्य कवि, कविता-पाठ के ख़ास अंदाज़ के लिए विख्यात।

क्लासिकी परम्परा के शायर, अपनी शायरी में तसव्वुफ़ के विषयों को भी बहुत ख़ूबसूरती के साथ बरता है

1887 -1971

पाकिस्तान के नज़्मों के एक अहम शायर

पाकिस्तान के अग्रणी शायरों में से एक, अपनी तहदार शायरी के लिए विख्यात।

बेइंतिहा लोकप्रिय शायर/अपनी रूमानी और विरोधी -कविता के लिए प्रसिद्ध

शायर व आलोचक, इकबाल के चिन्तन और उनके फ़न पर अपनी आलोचनात्मक किताब के लिए प्रसिद्ध

1927 -2015 कराची

पाकिस्तान के प्रमुखतम समसामयिक शायरों में शामिल

पाकिस्तान के शीर्ष प्रगतिशील शायर/कहानीकारों में भी महत्वपूर्ण स्थान/सआदत हसन मंटो के समकालीन

1916 -2006 लाहौर

प्रसिद्ध समकालीन शायर, अपनी नज़्मों के लिए मशहूर

1958 गया

गज़लों के प्रसिद्ध पाकिस्तानी शायर, बिल्कुल भिन्न और अनोखी भावनाओं व संवेदनाओं की शायरी के लिए विख्यात

लोकप्रिय शायर, गंगा-जमुनी तहज़ीब के गीतकार

शोधकर्ता और शायर, अपनी नज़्म "सोचने पे पहरा है" के लिए मशहूर/ प्रोफ़ेसर जेएनयू

परम्परा की गहरी चेतना के साथ शायरी करने के लिए प्रसिद्ध

लोकप्रिय पाकिस्तानी शायरों में शामिल. अपारंपरिक विषयों की नज़्मों के लिए जाने जाते हैं