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ख़ालिद महमूद

1948 | दिल्ली, भारत

ख़ालिद महमूद के ऑडियो

ग़ज़ल

आँखों में धूप दिल में हरारत लहू की थी

ख़ालिद महमूद

झपटते हैं झपटने के लिए परवाज़ करते हैं

ख़ालिद महमूद

नहीं है अगर उन में बारिश हवा

ख़ालिद महमूद

बराए तिश्ना-लब पानी नहीं है

ख़ालिद महमूद

रास्ता पुर-ख़ार दिल्ली दूर है

ख़ालिद महमूद

वक़्त-ए-क़याम दस्त-ए-क़ज़ा ने नहीं दिया

ख़ालिद महमूद

शायद कि मर गया मिरे अंदर का आदमी

ख़ालिद महमूद

हर इक फ़ैसला उस ने बेहतर किया

ख़ालिद महमूद

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