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उर्दू साहित्य में महिला अध्ययन के शोधकर्ता और आलोचक।

उर्दू साहित्य में महिला अध्ययन के शोधकर्ता और आलोचक।

आमिना तहसीन का परिचय

प्रो. अमीना तहसीन वर्ष 2004 में स्थापना के समय से ही Maulana Azad National Urdu University के महिला शिक्षा विभाग से संबद्ध हैं। उन्हें महिला अध्ययन के क्षेत्र में अध्यापन एवं शोध निर्देशन का दीर्घ अनुभव प्राप्त है। प्रो. अमीना तहसीन ने हैदराबाद विश्वविद्यालय से मानविकी (उर्दू साहित्य) में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने अनेक पुस्तकों का लेखन एवं संपादन किया है तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में अनेक शोध आलेख प्रकाशित किए हैं।

वे उर्दू भाषा में महिला अध्ययन के विभिन्न विषयों पर सक्रिय रूप से शोध एवं आलोचनात्मक लेखन कर रही हैं। उनके विशेष अध्ययन क्षेत्रों में जेंडर और समाज, नारीवादी आलोचना, महिला साहित्य तथा मुस्लिम महिलाओं का इतिहास शामिल हैं। उनकी रचनाएँ महिला विकास एवं सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों को समझने तथा समाज का जेंडर दृष्टिकोण से विश्लेषण करने का अवसर प्रदान करती हैं।

उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों और सम्मेलनों में शोधपत्र प्रस्तुत किए हैं तथा महिला एवं जेंडर अध्ययन से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर अनेक शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया है। उन्होंने चार वर्षीय स्नातक दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम के लिए “Understanding Gender” शीर्षक पाठ्यक्रम की स्व-अध्ययन सामग्री भी विकसित की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं के लिए उर्दू कार्यपुस्तिकाओं का संपादन किया, जो तेलंगाना के उर्दू एवं अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मिलित हैं।

प्रो. अमीना तहसीन ने विभिन्न प्रशासनिक दायित्व भी निभाए हैं, जिनमें विभागाध्यक्ष, महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक, अल्पसंख्यक विकास केंद्र की उप-समन्वयक, डे-केयर केंद्र प्रभारी तथा छात्रावास अधीक्षिका जैसे पद शामिल हैं।

शिक्षण और शोध निर्देशन के अतिरिक्त, महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक के रूप में उन्होंने प्रशिक्षण, कार्यशालाएँ, व्याख्यान, प्रदर्शनियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनका उद्देश्य जेंडर संवेदनशीलता तथा महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाना था। ये कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ हैदराबाद के विद्यालयों, महाविद्यालयों और सामुदायिक केंद्रों में भी आयोजित किए गए।

वे विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक, सामाजिक और पेशेवर संस्थाओं से भी जुड़ी हुई हैं, जो महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। प्रो. अमीना तहसीन को तेलंगाना राज्य उर्दू अकादमी द्वारा शोध एवं आलोचना पर आधारित उनकी पुस्तकों के लिए “साहित्यिक पुरस्कार” प्रदान किए गए। उन्हें आंध्र प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा “श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार” तथा University of Madras के उर्दू विभाग द्वारा शोध एवं आलोचना में योगदान हेतु “कुर्रतुल ऐन हैदर पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त, अनेक साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने उन्हें “Pride of Performance”, “फ़ख़्र-ए-निस्वाँ”, “मुहम्मद अली जौहर पुरस्कार” तथा “रियासती आलमबरदार-ए-उर्दू पुरस्कार” जैसे सम्मानों से नवाज़ा है।

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