- पुस्तक सूची 178836
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ86
बाल-साहित्य1989
नाटक / ड्रामा919 एजुकेशन / शिक्षण344 लेख एवं परिचय1380 कि़स्सा / दास्तान1584 स्वास्थ्य105 इतिहास3279हास्य-व्यंग607 पत्रकारिता202 भाषा एवं साहित्य1705 पत्र738
जीवन शैली30 औषधि981 आंदोलन272 नॉवेल / उपन्यास4299 राजनीतिक354 धर्म-शास्त्र4755 शोध एवं समीक्षा6596अफ़साना2681 स्केच / ख़ाका242 सामाजिक मुद्दे109 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2038पाठ्य पुस्तक451 अनुवाद4248महिलाओं की रचनाएँ5831-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर68
- दीवान1278
- दोहा48
- महा-काव्य100
- व्याख्या181
- गीत63
- ग़ज़ल1257
- हाइकु11
- हम्द52
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1597
- कह-मुकरनी7
- कुल्लियात581
- माहिया20
- काव्य संग्रह4852
- मर्सिया386
- मसनवी746
- मुसद्दस42
- नात580
- नज़्म1193
- अन्य82
- पहेली15
- क़सीदा182
- क़व्वाली17
- क़ित'अ67
- रुबाई272
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं17
- सलाम34
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई26
- अनुवाद74
- वासोख़्त25
कमल किशोर राजपूत का परिचय
उपनाम : 'कमल'
जन्म :देवास, मध्य प्रदेश
कमल किशोर राजपूत ‘कमल’
पेशे से इंजीनियर आई.आई.टी. (मद्रास) चेन्नई से पोस्ट ग्रेजुएशन डी.आर.डी.ओ. DRDO रक्षा मन्त्रालय में वरिष्ठ वैज्ञानिक (1966-1989)। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति उपरान्त स्वत: की आई.टी. कम्पनी UNIK Software House स्थापित की डॉक्टर्स एवं इंजीनियर्स को अनेक बहुमूल्य आई.टी. समाधान दिए (1989-2016)। देश-विदेश की अनेक यात्राएँ की।
2016-17 में पूर्ण निवृत्ति संवेदनशीलताओं ने शा’इर बना दिया। अपने एहसासों की अभिव्यक्ति भजनों गीतों ग़ज़लों व नज़्मों द्वारा माळवी हिंदी उर्दू एवं अंग्रेज़ी भाषा में उर्दू से विशेष लगाव। चार ऐल्बम: "अनुगूंज" - भजन, "अंदाज़े-बयाँ", "रक़्से-बिस्मिल" एवं "काश!" (ग़ज़ल)
दो ग़ज़लों के संग्रह "इल्हाम" (ईश्वरीय प्रेरणा) देवनागरी लिपि में और ग़ज़लों का मजमुआ "रक़्से-बिस्मिल" (घायल का नृत्य) उर्दू लिपि में प्रकाशित हुए हैं। "रक़्से-बिस्मिल" ग़ज़ल संग्रह को मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा "शम्भू दयाल सुखन" विशिष्ट पुरस्कार से नवाज़ा गया मार्च 2022 में। भजनों का गीत संग्रह "आशीषों की गुड़-धानी", गीतों का संग्रह "रिश्तों की छत पर ..", नज़्मों का संग्रह "दो लम्हों की अन्धी दूरी" एवं "आँखें क्यूँ नहीं सोतीं" का प्रकाशन हुआ है।
55+ वीडियोस: गीतों, भजनों, गज़लों, गीतों और नज़्मों के UTube पर उपलब्ध हैं।
सूफ़ी गीत विश्व-विख्यात कबीर गायक पद्मश्री प्रह्लादसिंह तिपानिया जी ने गाया।
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ86
बाल-साहित्य1989
-
