Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Naseem Nikhat's Photo'

नसीम निकहत

1958 - 2023 | लखनऊ, भारत

नसीम निकहत

ग़ज़ल 17

अशआर 4

अपने चेहरे को बदलना तो बहुत मुश्किल है

दिल बहल जाएगा आईना बदल कर देखो

माना कि मैं हज़ार फ़सीलों में क़ैद हूँ

लेकिन कभी ख़ुलूस से मुझ को बुला के देख

बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते

हम लोग दिखावे की मोहब्बत नहीं करते

मुझ को ये दर-ब-दरी तू ने ही बख़्शी है मगर

जब चली घर से तो मैं नाम तिरा ले के चली

पुस्तकें 5

 

वीडियो 26

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

नसीम निकहत

'ग़ालिब' का रंग 'मीर' का लहजा मुझे भी दे

नसीम निकहत

बंजारे हैं रिश्तों की तिजारत नहीं करते

नसीम निकहत

मुझ को चराग़-ए-शाम की सूरत जला के देख

नसीम निकहत

रात को शम्अ की मानिंद पिघल कर देखो

नसीम निकहत

"लखनऊ" के और लेखक

Recitation

बोलिए